शुक्रवार, 15 जुलाई 2011

मुझे ज्ञात नहीं कि इतिहास खुद को दोहराता है या नहीं ..

मुझे ज्ञात नहीं कि
इतिहास खुद को दोहराता है या नहीं
पर
जानता हूँ कि तुम नहीं !

मुझे याद है जब शहर का
बंटवारा हुआ था
न सिर्फ़ अरबी और यहूदियों के बीच
पर तुम्हारे और मेरे बीच भी
जब हम एक साथ थे.

हमने खुद को खतरों के
गर्भ में छुपा लिया
हमने मृत युद्धों से अपना घर बनाया
उन एस्किमो की मानिंद
जो "ठंडी" बर्फ से अपने
गर्म डेरे बनाते हैं.

बंटे शहर फिर मिल गए,
पर हम नहीं.
अब तक मैं जान चुका हूँ
इतिहास खुद को नहीं दोहराता,
क्यूंकि
जानता हूँ कि तुम नहीं !


























^I Don't Know If History Repeats Itself by Yehuda Amichai

1 टिप्पणी:

संजय भास्कर ने कहा…

गहन भावों का समावेश हर पंक्ति में ।

Related Posts with Thumbnails